हम जीत ना सके वो ऐसी शर्त लगाने लगे

हम जीत ना सके वो ऐसी शर्त लगाने लगे
हमारी आँखों को अपनी आँखों से मिलाने लगे
जीत जाते हम पर हमने अपनी पलकें झुका ली
क्यूँ की उनकी पलकों से आंसू जो आने लगे
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अपने हांथो से चेहरों को छुपाते क्यूँ हो
शरमाते हो तो सामने आते ही क्यूँ हो
तुम मेरी तरह भी कर दो इकरार ए वफ़ा
प्यार करते हो तो फिर छुपाते क्यूँ हो ....
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