Friday, 2 June 2017

उसको चाहा पर इजहार करना नहीं आया

उसको चाहा पर इजहार करना नहीं आया
कट गयी उम्र मगर प्यार करना नहीं आया
उसने कुछ माँगा भी तो मांगी जुदाई
और हमें इंकार करना नहीं आया
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वो पानी का एक कतरा है
जो आँखों से बह जाये
आंसू तो वो है जो तड़प के
आँखों मैं ही मर जाये
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