जीने की खुवाहिश मैं हर रोज मरते है

जीने की खुवाहिश मैं हर रोज मरते है
वो आये ना आये हम इंतजार करते है ,
झूठा ही सही मेरे यार का वादा है
हम सच मानकर ऐतबार करते है

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आँखों की गहराई को समझ नहीं सकते
होंठो से कुछ कह नहीं सकते
कैसे बयां करे हम आपको यह दिल का हाल  की ,
तुम ही हो जिसके बिना हम रह नही सकते !

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