न जिक्र कर मेरी अदा के बारे मैं

न जिक्र कर मेरी अदा के बारे मैं
मैं जानता  हूँ बहुत कुछ वफ़ा के बारे मैं
मैं जानता हूँ वो भी मोहब्बत का शौक रखते है
लेकिन उन्हें कुछ खबर नहीं है वफ़ा के बारे मैं
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खुशबू की तरह आया वो तेज हवाओं मैं
माँगा जिसे हमने दिन रात दुआओं मैं

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मेरे इश्क की मंजिल बता दो मुझको
मैं संभलके गिरा हूँ उठा दो मुझको

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खुदा करे किसी का कोई हबीब न हो
ये वो दाग है जो दुशमन को नसीब न हो

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